Saturday, August 13, 2011

मोती खोजने निकला हूँ 
सागर का रास्ता पकड़कर 
उसके तट पर खड़ा हूँ
संशय में हूँ...............
सोचता हूँ यहीं खड़े -२
कोई मोती बहकर आ जाये 
अन्दर पानी में घुसना नहीं चाहता 
कुछ भय है कुछ प्रमाद 
पर क्या किनारे खड़े रहकर 
किसी को कुछ मिला है.....
नहीं!!!!!!!!!!
मोती के लिए सागर में
गोता तो लगाना ही पड़ेगा......!